आवाज़ ए दिल
माना मेरा नाम नहीं था,
लेकिन मै गुमनाम नहीं था,,
मयखाना था खाली खाली,
हाथों मे भी ज़ाम नहीं था,,
तुम से मिल कर बहुत हुआ पर,
पहले मै बदनाम नहीं था,,
तुम ने उस तक जो पहुँचाया
वो मेरा पैग़ाम नहीं था,,
तुम थी मै था तन्हाई पर
दीवारो दर बाम नहीं था,,
झुमकी पायल का बिस्मिल वो
उल्फ़त से अनजान नहीं था,,
Gopal Gupta "Gopal "
Gunjan Kamal
24-Apr-2023 10:33 PM
👏👌
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अदिति झा
24-Apr-2023 12:44 PM
Nice 👍🏼
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Sushi saxena
24-Apr-2023 12:07 PM
Nice
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